शहीद भगत सिंह महाविद्यालय का हिन्दी विभाग अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। विभागाध्यक्ष डॉ. कमलेश कुमारी सहित हिन्दी विभाग में कुल 12 प्राध्यापक कार्यरत हैं। सभी अपने-अपने विषय के विशेष ज्ञाता हैं। लगभग सभी प्राध्यापक अध्यापन के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। हिन्दी विभाग के प्राध्यापकों का प्रकाशन कार्य हिन्दी जगत में विख्यात है। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित विचारपूर्ण लेखों के लिए हिन्दी विभाग जाना जाता है।
प्रतिवर्ष हिन्दी साहित्य के विभिन्न विषयों के प्रसिद्ध विद्वानों एवं विचारकों को महाविद्यालय में आमंत्रित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है। इन विद्वानों की सूची में प्रो. नामवर सिंह, प्रो. निर्मला जैन, प्रो. हरिमोहन शर्मा, अनामिका, उदय प्रकाश आदि के नाम शामिल हैं। इन विद्वानों ने समय-समय पर आकर विभाग की गरिमा बढ़ाई है। हाल ही में डॉ. कमलेश कुमारी और विभाग के अन्य प्राध्यापकों के सहयोग से दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी अपने आप में महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक रही। इस संगोष्ठी में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों की भागीदारी ने अपना अलग ही प्रतिमान स्थापित किया।
हिन्दी विभाग विद्यार्थियों के हित में निरंतर विविध गतिविधियों के साथ सक्रिय रहता है। प्रतिवर्ष छात्रों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए अनेक साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों में हिन्दी विभाग का वार्षिकोत्सव ‘साहित्योत्सव’ प्रमुख है, जिसमें वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, कविता-पाठ, निबंध-लेखन आदि प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में न केवल महाविद्यालय के विद्यार्थी ही भाग लेते हैं, बल्कि अन्य महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए हिन्दी विभाग गतिशील है। अपने विशिष्ट कार्यक्रमों एवं हिन्दी जगत में अपनी सक्रियता के लिए हिन्दी विभाग सदैव अपनी पहचान बनाए रखेगा।
function toggleContent(contentId, headingId) { const content = document.getElementById(contentId); const heading = document.getElementById(headingId); if (content.style.display === ‘none’) { content.style.display = ‘block’; heading.style.color = ‘#781E17’; // Active color } else { content.style.display = ‘none’; heading.style.color = ‘black’; // Default color } }
| S. No | Department | Name of the Investigator(s) | Title of the Project | Duration of the Project | Sponsoring Agency | Sanctioned Amount (Rs.) | Status |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | हिन्दी | Dr. Sunil Kumar Tiwari- Principal Investigator and Dr. Pravin Kumar Jha(Political Science) and Dr. Anupam Kumar(Hindi) | Influence of Electronic Media on Print Media: In the Context of Editorial Page | One Year | University of Delhi | 4 Lac | Completed |
| 2. | प्रो. कमलेश कुमारी | भारतीय विश्वविद्यालयों में बहुविषयक शिक्षा का एक अध्ययन | 6 महीने | ICSSR | – | Completed (2024 ) |
| S. No | Department | Name | Book Title | Publisher | ISBN/Link | Year | Indexed if any |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | हिन्दी | Prof. Sunil Kumar Tiwari | Hindi Swaroop or Bistar | Kitabghar,Delhi | – | – | |
| 2. | Prof. Kamlesh Kumari | हिंदी कहानी संचयन’ , UGCF B.A.(Hons) Hindi (co-edited) | K.L.Pauchari | ISBN: 978-93-91318-18-5, | 2022 | ||
| Pravaasi Kathakaar Tejender Sharma “Mudde aur Chunotiyan” (Edited) | Sahitya Sanchay Prakashan, Delhi, | ISBN: 978-93-82597-96-4 | 2018 | ||||
| Text Book ‘Hindi Gadhye Sanchay -‘A’, for Sol Students (co-edited) | ISBN: 978-93-82599-42-1 | 2016 | |||||
| Text Book ‘Hindi Gadhye Sanchay -‘B’ for SOL Students(co-edited) | ISBN: 978-93-82597-43-8 | 2016 | |||||
| Text Book ‘Hindi Gadhye-A’ for B.A. (P) Sem-Ist Year, University of Delhi(co-edited) | Ramesh Prakshan Delhi, | ISBN: 978-81930094-2-0 | 2015 | ||||
| Samantwaad Aur Kabeer (Author) | Sahitya Sanchay Prakashan, Delhi | ISBN: 978-93-82597-15-5, | 2014 | ||||
| Pracheen Aur Poorvamadhyakaleen Kavita (co-edited) | Satish Book Depot, Delhi | ISBN: 978-93-8149-08-7 , | 2011 | ||||
| Uttarmadhyakaleen Kavita, | ISBN: 978-93-81479-16-2, | 2011 | |||||
| Manav Moolyon Ki Avdharna Aur Sant Dadu Ka Kavye (Author) | Kshitij Prakashan, Delhi | – | 2008 | ||||
| 3. | Dr. Kumar Bhaskar | Sanjay Prakashan, New Delhi | – | – | – | ||
| 4. | Dr. Kedar Prasad Meena | आदिवासी : समाज,साहित्य और राजनीति | अनुज्ञा बुक्स, 1/ 10206, वेस्ट गोरख पार्क, | ISBN-97893839662051 | 2014 | ||
| आदिवासी विद्रोह : विद्रोह परंपरा और साहित्यिक अभिव्यक्ति की समस्याएं, | ISBN-97893839662051 | 2014 | |||||
| क्रांतिकारी आदिवासी-आजादी के लिए आदिवासियों का संघर्ष (संपादित), साहित्य उपक्रम | – | ISBN:978818235 Link: www.sahityaupkram.com, | 2012 | ||||
| 5. | Dr. Pratima | हिंदी भाषा का व्यावहारिक व्याकरण | – | ISBN: 978-93-83745-51-7 | 2020 | ||
| रचनात्मक लेखन | – | ISBN: 978-93-86113-87-0 | 2018 | ||||
| भाषा शिक्षण | – | ISBN: 978-93-86113-34-4 | 2017 | ||||
| भाषा और समाज | – | ISBN: 978-93814-79-85-5 | 2016 |
Coming soon
प्रोग्राम ‘अनहद’
प्रोग्राम ‘अनहद 2.O’
‘अनहद 3.O’
‘अनहद 4.O’
हिंदी वार्षिकोत्सव
“मंत्रणा”
प्रतियोगिताएँ और विजेता सम्मान:
इस सेमिनार में विभिन्न महाविद्यालयों के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। काव्य पाठ, निबंध लेखन, भाषण प्रतियोगिता, और लोकगीत प्रतियोगिता ने छात्रों के रचनात्मक और भाषिक कौशल को प्रदर्शित करने का शानदार अवसर प्रदान किया। विजेताओं को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया, और उनके उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की गई। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने अपनी कला और विचारों का प्रदर्शन किया, जो सेमिनार के उद्देश्य को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
समारोह का समापन:
इस प्रेरक कार्यक्रम के साथ ही हिंदी साहित्योत्सव समारोह का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। छात्रों और उपस्थित श्रोताओं ने कार्यक्रम को सराहा और इसने सभी को सामाजिक मुद्दों पर सोचने और बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
‘अनहद 5.O’
Coming soon